Complete Information About GST -INDIA


Complete Information About GST -INDIA

जाने GST की पूरी जानकारी हमारे इस Article में :-
इस Article में हम GST के जुड़े हर पहलू पर बात करेंगे जो नीचे लिखे है.

1 . GST क्या है
2 . GST के प्रकार
3 . GST क्यों जरुरी है
4 . GST में कितना TAX लगेगा
5.  GST के दायरे के अंदर और बाहर कौन -कौन होगा। 
6.  GST से आम जन जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

1 . GST क्या है ?

   GST मतलब के वस्तु एव सेवा कर (Goods and Service Tax) एक अपर्त्यक्ष (Indinect) कर (Tax) है यह एक एकीकृत कर (Integrated ax ) है जो वस्तु एव सेवाओं दोनों पर लगेगा ,GST लागू होने के बाद पूरा देश एकीकृत बाजार में तब्दील हो जायेगा और अधितकर अपर्त्यक्ष कर जैसे उत्पाद शुल्क (Exice Duty) सेवा कर (Service  Tax),वैट (Value Added Tax ) मनोरंजन कर आदि सभी अपर्त्यक्षकर समाप्त होकर GST में समाहित हो जायेगे। 

इसके बाद भारत एक सिंगल टैक्स वाली अर्थव्यवस्था बन जायेगा अर्थात देश में वस्तुओ और सेवाओं पर लगने वाला अलग अलग टैक्स ख़तम हो जायेगे ,और लोग नए आकड़ो के अनुसार देश के सभी सेवाओं और वस्तुओ पर केवल एक ही टैक्स देंगे जो GST के नाम से जाना जायेगा 

दुनिया के करीब 165 देशो में GST लागू है 

New Zeland 15%
Australia 10%
France 19.6%
Germany 19%
Pakistaan 18% 

से GST की दरे जो इन देशो में लागू है 

GST से पहले भारत के Tax System में सबसे बड़ा सुधार 2005 में किया गया था तब Sale Tax को VAT अर्थात मूल्य निर्धारित कर जो की एक बाजार कर होता है में बदल दिया गया था ,इसकी मद्दद से अलग अलग चरणों में लगने लगने वाले करो को कम करने की कोशिश  की गयी थी लेकिन VAT भी Tax  पे Tax लगने वाली व्यवस्था का अंत नहीं कर पाया।VAT उन वस्तुओ पर भी लगता है जिनके लिए Excise Duty चुका  दी गयी हो यानि के लोगो को टैक्स पर भी अलग से टैक्स देना पड़ता था 

भारत में टैक्स की वर्तमान व्यवस्था के  में निर्मित होने वाली वस्तुओ की Manufacturing पर Exice Duty देनी पड़ती है और जब ये वस्तुए बिक्री पर लायी जाती है तो इस पर Sale Tax और VAT अतिरिक्त लग जाता है 
इसी तरह उपलब्ध कराई गयी सेवाओं पर लोगो से Service Tax वसूला जाता है लेकिन GST लागू होने के बाद इन करो का बोझ समाप्त हो जायेगा।

 2 . GST के प्रकार ?

 C-GST (केंद्र सरकार वसूलेगी )     S-GST (राज्य सरकार वसूलेगी)          I-GST (एक साथ दोनों वसूलेगी)   

 संघीय ढांचे को बनाये रखने के लिए GST तीनो सत्रों पर लगेगा। 

*C-GST (केंद्रीय वस्तु एव सेवा कर )
इस कर को केंद्र सरकार वसूलेगी

*S-GST (राज्य  वस्तु एव सेवा कर )
इस कर को राज्य सरकार वसूलेगी 
 
*I-GST (एकीकृत वस्तु एव सेवा कर )

 एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओ और सेवाओं की बिक्री की स्थिति में यह कर लगेगा 
I-GST का एक हिस्सा केंद्र सरकार और एक हिस्सा वस्तु या सेवा का  उपयोग करने वाले राज्य को प्राप्त होगा 

 
3 . GST क्यों जरुरी है ?

भारत का वर्तमान कर ढाचा (Tax Structure) बहुत ही  जटिल है भारतीय सविधान के अनुसार मुख्य रूप से वस्तुओ की बिक्री पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकार तथा वस्तुओ के उत्पादन व् सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के अधीन है 

इस कारण देश में अलग अलग प्रकार के कर लागू है जिससे देश की वर्तमान कर व्यवस्था बहुत ही पेचीदा हो गयी है कंपनियों व् छोटे उद्योगों के लिए इन विभिन्न प्रकार के कर कानूनों का पालन करना मुश्किल हो जाता है इन  सभी जटिलताओं को ख़तम करने के लिए GST को लागू किया जा रहा है 

प्रतयष कर (Direct Tax )-वह कर जिसे आपसे सीधे तौर पर वसूला जाता है प्रतयष कहलाता है 

उदहारण  :-कृषि कर ,संपत्ति कर,व्यवसाय कर आदि 
    
अपर्त्यक्ष कर (Indirect  Tax)--जिसका मौद्रिक भार दुसरो पर डाला जाए यानि के वास्वतिक भार उस व्यक्ति को नहीं देना पड़ता जो उसे अदा करता है

 उदहारण  :-Exise Tax (उत्पादन कर),Custom  Tax (सीमा शुल्क ),Service  Tax (सेवा कर),VAT (बाजार कर )

 उदहारण 

माना कोई वस्तु 100 रुपए में तैयार हुई है और उस वास्तु पर टैक्स लगा 12 %जिससे उस वस्तु की कीमत  हो गयी 112 रुपए चूकि उस वास्तु के निर्माण में लगत आयी 8 रुपए,तो उस वास्तु की कुल कीमत हो गयी 120 रुपए। 

माना अब 120  रुपए वाली वस्तु पर 1 8  % टैक्स लगना था लेकिन यहाँ पर उस वस्तु को कच्चे माल के रूप में पहले ही ख़रीदा जा चुका  है और उस पर 12 % टैक्स भी पहले ही लग चुका है अतः इस वास्तु पर 1 8 % टैक्स नहीं लगेगा बल्कि 1 8  % में से 12 % घटाकर 6 % टैक्स ही लगेगा ,जिससे वस्तुओ की कीमतों में पहले की आपेक्षा स्थिरता आएगी 
यही है GST का सबसे बड़ा फायदा जो टैक्स पर टैक्स लगने वाली प्रथा को ख़तम करेगा

              

 4 . GST में कितना TAX लगेगा (Rates of Tax)?

 GST Rates को 5 भागों में विभाजित किया गया है (0%, 5 % , 12% , 18% ,28% ) GST की अधितम दर
28% रखी गयी है लगभग 19% वस्तुए ऐसी है जिन पर 28% की दर से GST लगेगा,GST के बाद अधिकतर वस्तुए सस्ती हो जाएगी परन्तु सेवाएं महंगी हो जाएगी लेकिन सेवा को लेकर भी एक निश्चित माहौल रहेगाअभी हर साल इसमें होने वाली बढ़ोतरी नहीं होगी 

 वस्तुए व् सेवाएं जिन पर कोई टैक्स नही लगेगा 0%

वस्तुए (Goods)
 वस्तुए-दैनिक जीवन की सभी वस्तुए जैसे दूध ,दही ,सब्ज़िया ,आटा ,ब्रेड ,नमक,अख़बार,मछली,चिकन,किताबे आदि सभी सामने पर GST नहीं लगेगा  

 सेवाएं (Service)
1000 रुपए से कम के होटल आदि 


वस्तुए व् सेवाएं जिन पर 5 % टैक्स लगेगा 


 वस्तुए (Goods)
डिब्बा बंद खाना ,पैकेट पनीर ,काफी ,चाय ,मसाले,दवाये आदि 
 
 सेवाएं (Service) 
ट्रांसपोर्ट सेवाएं एव छोटे रेस्ट्रोरेंट 


 वस्तुए व् सेवाएं जिन पर 12  % टैक्स लगेगा 


वस्तुए (Goods)
डिब्बा बंद मेवे ,सिलाई मशीन ,आयुर्वेदिक दवाई ,मोबाइल आदि 

 सेवाएं (Service) 
बिना AC का होटल,खाद ,Business Class Air Ticket,आदि



 वस्तुए व् सेवाएं जिन पर 18  % टैक्स लगेगा   

वस्तुए (Goods) 
कैमरा ,स्पीकर,केक,मिनरल वाटर ,आइस क्रीम ,नोट बुक्स,पेस्ट्रीज़ आदि 


सेवाएं (Service) 
AC होटल, टेलीकॉम सेवाएं ,IT सेवाएं ,Branded कपडे आदि
 वस्तुए व् सेवाएं जिन पर 28  % टैक्स लगेगा 

वस्तुए (Goods) 
चॉकलेट ,पान मसाला ,वाटर हीटर ,Vaccum Cleaner ,ऑटोमोबाइल ,आदि

सेवाएं (Service) 
5 Star Hotel ,सिनेमा आदि


5.  GST के दायरे के अंदर और बाहर कौन -कौन होगा ?

(i) 20 लाख रुपए  या उससे कम वार्षिक कारोबार करने वाले लोग GST के दायरे में नहीं आएंगे पूर्वोत्तर व् विशेष दर्ज़ा वाले राज्यों जैसे जम्मू कश्मीर ,हिमाचल प्रदेश ,में ये सीमा 10 लाख रुपए होगी ऐसे वयापारी GST के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते है ताकि उन्हें Input Tax Creadit (खरीदे गए सामान पर चुकाया हुआ कर ) का फायदा मिल सके। 

(ii) 20 लाख रुपएसे ज्यादा लेकिन डेढ करोड़ से कम तक का सालाना कारोबार करने वाले 30 % वयापारी राज्य सरकार के नियंत्रण में आएंगे जबकि 10% व्यापारी केंद्र सरकार के नियंत्रण में आएंगे। 

(iii)  डेढ करोड़ से ज्यादा सालाना कारोबार करने वाले व्यापारी आधे सरकार के और आधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में होंगे। 

           GST के तहत उन सभी कारोबारियों ,उद्पादक ,सेवा प्रदाता ,को रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा जिनकी एक वर्ष में कुल बिक्री का मूल्य एक निश्चित मूल्य से ज्यादा  होगा। 

Click Here To See GST Registration :-https://www.gst.gov.in/

GST के दायरे से बाहर कौन कौन होगा

शराब पूरी तरह से GST से बहार होगी यानि के राज्य  सरकारे पूर्व की भांति आवकारी रहेगी 
पेट्रोल ,रसोई गैस,डीजल ,अभी फिलहाल GST के दायरे से बाहर है और शिक्षा और सवास्थ्य सेवाएं भी पूरी तरह GST से बाहर है 


 6.  GST से आम जन जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 

अप्रत्यक्ष करो का भार अंतिम उपभोगता को ही भरना पड़ता है लेकिन पुरे भारत में एक ही  टैक्स लगाने से वस्तुओ की लागत में कमी आएगी हलाकि सेवाओं की लागत बढ़ जाएगी ,GST लागू हो जाने के बाद केंद्रीय सेल्स टैक्स (CST) ,GST में समाहित हो जाये जिससे वस्तुओ की कीमतो में कमी आएगी 

वर्तमान स्थिति यह है की हमे किसी भी सामान पर लगभग 30-35% तक टैक्स देना पड़ता है कुछ चीज़ो पर तो प्रतयष कर और अपर्त्यक्ष कर तौर पर लगाया जाने वाला टैक्स 50 % तक पहुँच जाता था ,GST लागू होने के बाद टैक्स की दरे कम हो जाएगी और टैक्स का ढाचा सरल हो जायेगा। 

वर्तमान में देश के लोग वस्तुओ और सेवाओं पर 20 अलग अलग तरह के कर चुकाते है जबकि GST लागू होने के बाद सिर्फ एक हे तरीके का टैक्स चुकाना होगा हलाकि कुछ चीज़े महंगी हो जाएगी पर उनकी कीमते निश्चित हो जाएगी। बहुत सारे केंद्रीय और राज्य कर ख़तम हो जायेगे GST लागू हो जाने के बाद 

ख़तम होने वाले केंद्रीय कर

* Central Excise Dutty 
* Duty of Excise (दवाओं और अन्यउत्पादों पर )
* Additional Duties of Excise (विशेष महत्व वाले उत्पादों पर )
* Additional Duties of Custom
* Service Tax
*वस्तुओ और सेवाओं पर लगने वाले सेस और सरचार्ज 

ख़तम होने वाले राज्य  कर 


* VAT (Value Added Tax)
*Central Sales Tax,Purchase Tax,Luxury Tax,Entry Tax
* Entertainment Tax,विज्ञापनों पर लगने वाला टैक्स
*लाटरी और जुओ पर लगने वाला टैक्स
* वस्तुओ और सेवाओं पर लगने वाला सेस और सरचार्ज

पैकेट फ़ूड पर अभी अधिकांश राज्यों में कोई टैक्स नहीं लगता और जहा लगता है वह भी इसकी दर 4 से 6 % तक ही है लेकिन GST लागू होने के बाद डिब्बाबंद खाने पर भी 18% टैक्स देना होगा इसी तरह अभी ज्वेलरी पर भी 3 % टैक्स व् रेडीमेड गारमेंट्स पर 4 से 5 % State VAT लगता है लेकिन GST 18% लगने के बाद ज्वेलरी और कपडे महंगे हो जायेगे

GST  की बाद Discount  भी महंगा हो जायेगा अभी डिस्काउंट के बाद बची बाकि की कीमत पर टैक्स लगता है लेकिन GST लागू होने के बाद MPR पर टैक्स लगेगा इसके अतिरिक्त सभी प्रकार की सेवाएं आज के मुक़ाबले महंगी हो जाएगी अभी सेवाओं पर 15% Tax लगता है जो बढ़कर 18% हो जायेगा।

GST लागू होने के बाद घर और कार खरीदना काफी सस्ता हो जायेगा छोटी कारो पर अभी 30 से 40% टैक्स लगता है लेकिन 18% GST लगने के बाद छोटी कारे 45000 तक सस्ती जाएगी ,अभी घर खरीदने पर आपको Service Tax और VAT दोनों देने पड़ते है लेकिन GST लागू होने के बाद आपको सिर्फ एक तरह का टैक्स देना होगा

इसी प्रकार होटल,रेस्ट्रोरेंट ,पर आपको अलग अलग टैक्स नहीं चुकाने होंगे ,घरेलू उपकरण जैसे AC ,माइक्रोवेव ,वाशिंग मशीन ,TV ,अदि को खरीदते वक़्त आपको 12. 5 % Exise Duty और 14.5 VAT  देना पड़ता है लेकिन GST के बाद सिर्फ 18% टैक्स देने से आप ये सामान काफी सस्ते में खरीद पाएंगे

देशभर में माल ढुलाई करीब 20% तक  सस्ती हप सकती है जिससे महंगाई घट भी सकती है वर्तमान में व्यवसायो पर अलग अलग प्रकार के 18 अपर्त्यक्ष करो का भुगतान करना पड़ता है जैसे वस्तुओ का उत्पादन शुल्क ,सेल्स टैक्स,सर्विस टैक्स ,आदि विभिन प्रकार के कर कानूनों का पालन करना पड़ता है जो बहुत ही जटिल प्रिक्रया है लेकिन GST लागू होने के बाद से सभी टैक्स ख़तम हो जायेगे और एक ही प्रकार के अपर्त्यक्ष कर कानून का पालन करना पड़ेगा जिससे व्यवसाय में सरलता आएगी

अतः एक देश एक टैक्स की निति लागू हो जाने के बाद आपको किसी भी वास्तु व् सेवा के लिए अलग अलग राज्यों में अलग अलग कीमत नहीं चिकनी होगी ,अर्थात पुरे देश में सभी सामान व् सेवाएं एक ही दाम पर उपलब्ध होगी। 

अतः कुल  मिलाकर GST भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति के लिए मील का पत्थर  साबित होगा. .. 


*एक देश एक टैक्स 



 
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